Thoghts for Poetry

Just started this page to write down raw thoughts to compile Poetry in a later stageAmrik Birhada

bhai sahib observe karde 

Left and right, religion caste geographical boundries 
humanity to uppar kion??
Comparison kion ??
hrma di ladai kion ?? utaam  ਬਿਹਤਰ better . 
रूह जब रूह से प्यार करती है 
वोह दुनियवी रिश्तो के मुहताज़ नहीं होती 
इसी लिए हमने सभी दुनयावी रिश्तो की पोटली पेश की थी 
अपनी पसन्द का चुन लो पर कोई पाबन्दी भी नहीं लगाई थी 
रूह ने रूह से प्यार कीया है 
रिशतों की मुहताज़ है कया।  
ना बाध्यता, ना पाबन्दी 
छुपा हुआ कोई राज़ है क्या। 
फिर भी हमसे बात नहीं करते 
तुम हमसे  नाराज़ हो क्या। 
याद तुम्हारी ,और कुछ नज़में 
और हमे काम काज है क्या। 
1095 दिन इंतज़ार में निकले  
यह इकलौता आज है क्या। 

ਹਿੰਦੀ ਵਾਲੇ ਦੋਸਤ derra  ਬੱਸੀ ਲੜਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਇੱਕ 
ਜੋਨੀ ਮੁੱਛਫੁਟ ਗਭਰੂ -- ਗ਼ਾਲਿਬ 
ਸਵਾਲ ਪੁੱਛਣਾ ਜਰੂਰੀ ਕਿਓਂ  - ਕਿਹੜੇ ਸੰਦਰਭ ਚ 
code language ਕਿਓਂ ਜਰੂਰੀ 
ਭੋਲੇ ਤੇ ਸਾਚੇ ਦੀ ਦੁਰਦਸ਼ਾ ਕਿਓਂ ? 
ਇਮਾਨਦਾਰ ਨੂੰ ਕਮਾ ਕੇ ਖਾਣ ਕਿਓਂ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦੇ 
ਘੁਮਾਰੀ  marketing ਦੌੜ ਬਾਕੀਆਂ ਵਾਂਗ Ethics ਐਂਡ benifits 
remaining open entertaining  thought without Compulsion ਤੋਂ Except 
Answerable to mirror image 
जादू दोसत कैसे हो ?
उठ गए जा अभी सौ रहे हो ?
चाय पी ली ?
खाना खाया ?
क्या बनाया था ?
कद्दू अँगूर की सब्जी 
मेरे को क्यों नहीं बुलाया ?
अकेले अकेले खा लेते हो 
गुस्सा हो ? काहे को गुस्सा हो ?
याद करते हो ? कितना याद करते हो ?
मैं क्या कर रहा हूँ ?
अरे कुछ नहीं विहला ज्यों ही कुछ न कुछ लिखता रहता है 
जब से तुम्हे Pen Friend बोला 
अैसे ही लिखता रहता जो मन में आए 
तुम तो कुछ लिखते नहीं हो 
सुनो आज busy रहूंगा 
अरे कुछ नहीं मनू  मिरची मसाला पीसने को बोल रही थी 
अैसे ही फ़ालतू बातें करता हूँ आप शायद मुस्कुरा दो 
अपने बच्चो को Music जरूर सिखाना हाँ 
धक्के से नहीं अगर दिलचस्पी दिखाएँ 
नहीं तो मेरे जैसे इस उमर में सीखेंगे तो सभ ने lightly लेना 
चल कोई ना आपां किहड़ा Famous होना 
मसती में रहा करो heath अच्छी रहती है 
पता है जब इनसान पास होता है 
तो बोलते हैं तुम बहुत तंग करते हो 
जब कोई पास नहीं होता तो लोग तन्हाई में बोलते 
यार आस पास कोई झगड़ा करने को भी नहीं है 
है ना इनसान ऐसे ही होते है ना ?
बच्चो को प्यार से सीने से लगा कर रखना 
और बोलना मेरी सोना सोना सोना 
ठीक है ? आपड़ीआ ?
हाँ हाँ जैसे सभ समझ गए ,बुधु कहीं के 
जाओ मंने ना करनी बात तुमसे 
अरे यार गुस्सा मत हो जाना बाबा 
मैं तो बचपन से अैसे ही बात करता है 
देखे हो ज़िंदगी में मेरे जैसा नमूना कभी 
मैं सोचता सुबह 2 घण्टे और शाम को एक घण्टा Socialize करने के रख लू
बाकी समय कुछ सीखने में लगाऊं ,नहीं तो दिन कैसे निकल जाता पता ही नहीं चलता 
पक्का schedule बना कर website पर update कर दूंगा 
अभी में पक्के Schedule को रोज़ाना तो नहीं रख पाता
फिर भी हफ्ते के 3-4 दिन तो रख पाता हूँ 
कभी कभी तो खुद बदल कर भी देखता हूँ 
पता है सुबह 10 से 12 पार्क कितने दिन ही गया हूँ 
पहले शाम को जाता था अब अँधेरा जल्दी हो जाता है ना 
इस लिए कोशिश कर रहा हूँ सुबह का बन जाए 
मुझे एक महीना तो लग ही जाता कोई भी schedule पक्का करना हो तो 

hmare upar kuchh to reham kijiye
Pyar mein umar kaid ki saza dijiye
ज़िन्दगी अच्छी लगने लगी है 
कुछ पल साथ बिताने में 
मिलती है जो ख़ुशी प्यार में 
मिले न किसी खज़ाने में 
  पास वोह आए हम मुसकाए 
  अब कोई गम न हमें सताए 
  कितनी सादा हो गयी ज़िंदगी 
  उनको मीत बनाने से  
ज़िन्दगी अच्छी लगने लगी है 
कुछ पल साथ बिताने में 
मिलती है जो ख़ुशी प्यार में 
मिले न किसी खज़ाने में 
मेहबूब ही है अब खुदा हमारा 
उसके बिन जीना नहीं गवारा 
काम को हाथ लगाएंगे अब 
उनके वापस आने में 
ज़िन्दगी अच्छी लगने लगी है 
कुछ पल साथ बिताने में 
मिलती है जो ख़ुशी प्यार में 
मिले न किसी खज़ाने में 
  फूल सुगन्ध का रिश्ता है येह 
  हर पल हम को खुशीआं ही दे 
  फूल खिला तो सुगंध मिलेगी 
  मिलेगी राख जलाने से 
ज़िन्दगी अच्छी लगने लगी है 
कुछ पल साथ बिताने में 
मिलती है जो ख़ुशी प्यार में 
मिले न किसी खज़ाने में 
-- अमरीक खाबड़ा 
प्रेमी का खुदा तो मेहबूब होता है 
 एक दुसरे में वोह मजूद होता है 
 इनसान में मिले ना खुदा अगर
 रखा कया है तीरथ पर नहाने में 
       रिश्ता क्या है फूल और सुगंध का 
       कया नाम रखें इस संबंध का 
       खिले जो फूल मिलेगी सुगंध ही 
       राख ही मिलेगी पर जलाने में 
हसते हसते आप कयों  जी  रो दिए 
 चैन दोनों ही दिलों का खो दिए 
 गलती हुई रुला दिए जी आप को 
 अमरीक मज़ा आएगा अब हसाने में 

राग बागेश्री 

फिर से वोही दर्द दीया है ज़माने  ने 
 कितना मज़ा आ रहा था मुसकुराने में
 मिलती है जो ख़ुशी प्यार में 
 मिले ना कुबेर के खज़ाने में 
         प्यार में नफ़ा नुकसान क्या 
         अपना समझ कीया तो एहसान कया
         आज का समय देखो प्यार को 
         नापें राजनीती के पैमाने से
      कितना मज़ा आ रहा था मुसकुराने में
      मिलती है ख़ुशी जो प्यार में 
      मिले ना कुबेर के खज़ाने में 
 प्रेमी का खुदा तो मेहबूब होता है 
 एक दुसरे में वोह मजूद होता है 
 इनसान में मिले ना खुदा अगर
 रखा कया है तीरथ पर नहाने में 
    कितना मज़ा आ रहा था मुसकुराने में
    मिलती है ख़ुशी जो प्यार में 
    मिले ना कुबेर के खज़ाने में 
          राज गद्दी से हमें लेना है कया 
          प्यार के बिना भी जीना है कया 
          मिले ना राज गद्दी पर जो बैठ कर 
          वोह मज़ा है दिल पे चोट खाने में
       कितना मज़ा आ रहा था मुसकुराने में
       मिलती है ख़ुशी जो प्यार में 
       मिले ना कुबेर के खज़ाने में 
 सभ अच्छा लगे जब वोह पास होते हैं 
 ऐसे मीत तो सबसे ही ख़ास होते हैं
 पास आने से सकून मिला था जो 
 छिन गया है फिर से दूर जाने में 
    कितना मज़ा आ रहा था मुसकुराने में
    मिलती है ख़ुशी जो प्यार में 
    मिले ना कुबेर के खज़ाने में 
       रिश्ता क्या है फूल और सुगंध का 
       कया नाम रखें इस संबंध का 
       खिले जो फूल मिलेगी सुगंध ही 
       राख ही मिलेगी पर जलाने में 
          कितना मज़ा आ रहा था मुसकुराने में
          मिलती है ख़ुशी जो प्यार में 
          मिले ना कुबेर के खज़ाने में 
 हसते हसते आप कयों  जी  रो दिए 
 चैन दोनों ही दिलों का खो दिए 
 गलती हुई रुला दिए जी आप को 
 अमरीक मज़ा आएगा अब हसाने में 
     कितना मज़ा आ रहा था मुसकुराने में 
     मिलती है ख़ुशी जो प्यार में 
     मिले ना कुबेर के खज़ाने में 
 चल दोसत  शुरू करेँ  नई  रीत  कोई 
 कायम  कर दें मधुर  सी प्रीत  कोई
     सुबह  उठते  ही  उनकी  याद  हो  
     बाकी के सारे काम उसके बाद  हों    
     हिम्मंत  दोनों  को  मिलेगी  इस  रिश्ते  से  
     सथापित कर दिए हैं  मन मंदिर  में  मीत कोई 
 मिलना नसीब हो  जा  पड़े  दूर रहना 
 ख़यालों में हम साथ साथ है यही कहना 
 जब  भी  सुनें आतमा को आराम  मिले  
 चुन कर और रट लो  ऐसा  गीत  कोई  
      मुशकिलों  से  डरना  मत दोसत 
      खुद पर  सदा विशवास  रखना
      लगाते  रहना  सुरों  को  तरतीब में 
      बन ही जाएगा  एक  दिन संगीत कोई 
उम्र कुछ इस तरह से गुज़र रही है 
तेरी आवाज़ , तेरे दीदार को तरसे  हैं
हम वोह बादल  हैं, जो यादों में  ही बरसे हैं  
मिलने का वादा ही तो नहीं कीया उन्होंने 
कितनी वार हम निकले घर से हैं 
I want to request Canadian Government 
when they plan to bring in immigrants they must 
give a though about thier Shelter (housing).
The second question why there is no plan to integerate into skilled work force.
Most of the immigrant force is utilized for labor jobs or illegal jobs to be completed. For example wiring abasement without pulling a permit.
Why basement is not finished according to same codes and safety standards?
Why it has to be done like thieves? When you know million immigrants are coming in and they need accomodation to live in. Why not allow the basement to be finished legally as the part of the house.
What is the point building a house with strict safety codes and compliance then build a basement disobeying all safty codes and compliance.
Isn't now the whole building unsafe and do not comply with safety standards?
My reading and writing in the English language was an everage when I enetered Canada. As mentioned in the remark my vocavollary was good but weak accent.
I applied for countless jobs to fit in.How will my English language improve . It takes 5-6 months to know about the workplace and people you are working. By the time it is time to made me quit or pushed out.If I could have formed social bonds and friendship with few English Speaking indvidiuals I could have learned by now.
On workplace very limited knowledge of language is required. Amrik install light this and connect this boiler after this. Do this Do that type. We can only improve the knowledge of the English language when we have few people to discuss a wide variety of topics. 
why there is no plan to integerate into skilled work force.
Most of the immigrant force is utilized for labor jobs or illegal jobs to be completed. For example wiring abasement without pulling a permit.
This assessment was done in 2008 and now is 2022. I kept taking continuing education courses to keep my Licenses updated to current safety codes and standards. I applied with regulatory bodies like BC Safety Authority for many jobs. I was willing to move anywhere in BC.But no results.

ज़िन्दगी कमबख्त जीने कहाँ देती है
ना अम्रित ना ज़हर कुछ पीने कहाँ देती है

 --   Amrik Birhada
दो तीन साल कोविड में बीत गए 
अब तो चले आओ ना 
सांसे तेरे नाम से आ जा रही है 
देखो धड़कन तुम्हारा गीत गा रही है
दुनिआदारी के बंधन तोड़ कर बैठा हूँ 
काम काज सारे छोड़ कर बैठा हूँ
देखो तो हवाएं गुनगुना रही हैं 
अब तो चले आओ ना 
गरमी को दूर करने को फैन लगा है 
तेरे कूचे में आने जाने पे Ban लगा है 
मेरे दिल को तेरा विजोग दिन रैन लगा है 
देखो यह पगला कई रातें जगा है 
ऐसा ना कह दूँ Permanent नींद आ रही है 
अब तो चले आओ ना  
 
एक को खुश करने के लिए 
दूसरे को दुःख देना अच्छी बात थोड़े है। 
ज्ञान को रौशनी में सभी में एक जोत दिखेगी 
भगवान सिर्फ हिन्दू जा सिखों का हो यह रात थोड़े है।   
जो उपदेश खुद के काम ना आए ,दूसरों को दिए जाओ 
फिर तो अभी रात में जीअ रहे हैं प्रभात थोड़े है। 
जिस को पाने से उदासी ख़ुशी ना बन जाए 
वोह पदारथ होगा सौगात थोड़ी है। 
रोक रखे थे सालों से दिन रात के पहिये 
अपनी छाती पर यह कोई आसान बात थोड़े है। 
की 
खुद  को खुश करने के लिए 
दूसरे को दुःख देना अच्छी बात थोड़े है। 
ज्ञान को रौशनी में सभी में एक जोत दिखेगी 
भगवान सिर्फ एक में है यह कोई रात थोड़े है।   
उपलभ्दीओं के लिए दोसतों को ही छोड़ दें  
फिर तो अभी रात में जीअ रहे हैं प्रभात थोड़े है। 
जिस को पाने से उदासी ख़ुशी ना बन जाए 
वोह पदारथ होगा सौगात थोड़ी है। 
रोक रखे थे सालों से दिन रात के पहिये 
अपनी छाती पर यह कोई आसान बात थोड़े है। 
दोसती  कितनी गहरी है आप जानो 
हमारे लिए कोई टाइम पास थोड़े है 
फिर से रुलाना चाहे कमबख्त हमे 
कुछ ना बचा जीने को ज़माने ने 
कितना मज़ा आ रहा था मुस्कुराने में 
जो भी  दीया है बहुत दीया आगे अब क्या लेना देख सकूं उस पार तुमको ऐसे नयन मुझे देना जीना मरना जो भी भगवन तुमरे प्यार से हो 
कुछ तो है पवित्र तेरे मेरे रिश्ते में जो बड़ी गलतिओं  को भी माफ़ करता है।  जब कोई धूल आती है मन के पर्दे पर आंसुओं से फिर उसे साफ़ करता है।  वड़े वड़े जुर्म की देता है हसीन सज़ा देखो यह कैसा इनसाफ  करता है।ख़ुशी हो तो बोले यह रख लो सारी ग़म हो तो यह हाफ हाफ (half ) करता है। हर हालात में साथ चलना चाहे यह फायदे नुकसान को  कब यह ग्राफ (Graph )करता है।  
दोसतो से बातें 
अगर एक पुराने दोसत को उसकी दोसती का मान देता हूँ 
इसका अर्थ यह तो नहीं नए दोसतों को कर परेशान देतां हूँ 
जब बात एक रिश्ते की हो निरंतर बात करो 
बना ही लोगे मन चाहा स्थान यही बयान देता हूँ 
किसी मज़बूरी में मुझे ख़त मत लिखना  - 
हाँ दिल अगर चाहे तो दिल खोहल कर  लिखना 
बाँट होकर हिस्सों में जीया ना जाएगा 
जो भी लिखना दीवारें तोड़ कर लिखना 
बातचीत टूटने से टूट जाएँ रिश्ते 
अगर कोई शिकवा है बोल कर लिखना 
विचारों से सहमत होना अलग बात है 
मेरे कया गुनाह पूरा तोल  कर लिखना 
ग़लती कया हुई यह तो बता दो 
जनमो का लेखा फरोल के लिखना 
मेरी कविता तो साफ़ और सरल है 
तुम्हें कया दुःख है  दिल फ़ोल कर  लिखना 
दुसरे के हालात तो उसी को पता होते हैं 
तुम्हारे कया हालात हैं हस बोल कर  
लिखना जो भी लिखा है महसूस भी कीया मैने 
तुम भी पूरा अडोल हो  कर  लिखना
अमरीक तो इतना सीधा इनसान है 
अनजाने में क्या कर बैठा  
ज़रा बोल के लिखना   
दुनिआं की बातों से अपनी सिहत 
खराब मत करना यारो 
यह जो भी कहते हैं 
बे-बजाह कहते हैं 
         सभ को बर्बाद करे जो 
         उसको तो सलाम  करते हैं 
         आबाद करे दूसरों को 
         उसे तबाह कहते हैं 
जिसम की भूख़ मिटाने को 
मिलेंगे सौ इंतज़ाम इस मंडी में 
सच्चे प्यार को हमेशा 
यह गुनाह कहते हैं 
        ज़िंदगी को जीने की इजाजत ही नहीं 
        इस दुनिया में 
        मरने के बाद जो बचता है 
        उसे तो बस सवाह कहते हैं 

    ਦੁਨੀਆਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਸੁਣ 
    ਆਪਣੀ ਸਿਹਤ ਨਾ ਖਰਾਬ ਕਰਨਾ ਯਾਰੋ 
    ਇਹ ਜੋ ਵੀ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
    ਬੇ -ਵਜਾਹ ਹੀ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
           ਸਭ ਨੂੰ ਬਰਬਾਦ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਨੂੰ 
           ਕਰਨ ਝੁਕ ਝੁਕ ਸਲਾਮਾਂ 
           ਜੋ ਦੂਜਿਆਂ ਨੂੰ ਆਬਾਦ ਕਰੇ 
           ਉਸ ਨੂੰ ਇਹ ਤਬਾਹ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
 ਸਰੀਰ ਦੀ ਭੁੱਖ ਮਿਟਾਉਣ ਦੇ  
 ਸੌ ਇੰਤਜ਼ਾਮ ਇਸ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ 
 ਸੱਚੇ  ਪਿਆਰ ਨੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ 
 ਇਹ ਗੁਨਾਹ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
        ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਨੂੰ ਜਿਉਣ ਦੀ ਇਜ਼ਾਜਤ  ਨਹੀਂ 
        ਇਸ ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ 
        ਮਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਆਹ ਜੋ ਵੀ ਬਚਦਾ 
        ਉਸ ਨੂੰ ਤਾਂ ਯਾਰੋ ਸਵਾਹ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
दोसतों से सीधी बात जरूरी है 
करते हो हमेशा इशारे से बात 
बता तो दो क्या मज़बूरी है। 
हमारे  दरवाजे तो बिलकुल  खुले हैं 
आप की तरफ से ही है जो भी दूरी है। 
आप का पता होता तो चले आते 
देखो हमारी क्या मज़बूरी है। 
नखरे भी करते हो पास भी बुलाते हो 
समझ ना पाए कैसी जी हज़ूरी है। 
फोकट में बोलते हो मुझ को राँझा 
मझीया चरवाते हो कहाँ हमारी चूरी है। 
जवाब तो इस वार भी ना देंगे वोह 
फिर इक तसलीम जरूरी है।  
करते नहीं हैं लोग साफ़ बात आजकल 
ना करें जल्दी से किसी को माफ़ आजकल।       
प्यार तो दोनों एक दूजे से करते हैं       
पर करते कहाँ है शब्दों में इज़हार आजकल 
मिलने की जगह रख ली एक ने आकाश दुसरे ने पाताल 
इसी लिए तो विछड़े है यार आजकल        
ख़ुशी हो  सामने  रोक कहाँ पाते है       
रोने के लिए काटें फिर  प्याज आजकल 
हमारी परीक्षा तो कितनी वार ली 
एक गलती हम से हुई तो नाराज़ आजकल     
पीछे किसी के हम ना भागे 
घर कोई आए तो मोडा नही 
कर दें बादा अगर किसी से
आज तक कभी तोडा नहीं
सीधी सीघी बात करें हम
बात को तोड मरोडा नहीं
जिस को रख लीआ दिल में हमने
मर कर भी ऊसे छोडा नहीं
एक दोस्त मेरे दाएं दूसरा बाएं खड़ा था 
एक मैं था जो दोनों के बीच अड़ा था। 
क्यों कर दूँ कुरबान दोसती को 
दोसती में भूगोल कहाँ से आया 
क्यों यह दाएं बाएं का फर्क पड़ा है। 
इसी लिए चलता रहता हूँ अकेला 
यह मेरी ज़िंदगी का सवाल है 
राजनीती का मैदान थोड़ा है। 
अभी लिख रहां हूँ पूरी नहीं हुई 

उन्हें येह जिद के मुझे देख कर किसी को ना देख 
मेरा यह शौक के सभ को सलाम करता चलूँ 
येह मेरे खाबों की दुनिआं नहीं सही लेकिन 
अब आ गया हूँ  तो दो दिन क़याम करता चलूँ  From Ghazal Jagjit Singh Idhar se guzra tha
कौन वस गया है मेरे मन में 
मुझे भीतर से बदलते जा रहा है 
देखो इस ने मेरे घमण्ड की सारी दीवारें तोड़ डाली 
अब सूर्य की रौशनी दिल तक पहुंचने लगी है
बहुत खूबसूरत ग़ज़ल लिख रहा हूँ 
"कविता" को देख कर आज कल लिख रहा हूँ  
Dushant Kumar      
मेरे गीत तुम्हारे पास ,सहारा पाने आएंगे      
मेरे बाद तुम्हे यह , मेरी याद दिलाने आएंगे।  
थोड़ी आंच बनी रहने दो, थोड़ा धुआँ निकलने दो   
कल देखोगी कई मुसफिर ,इसी बहाने आएंगे।      
उन का क्या मालूम ,इस शख्स पर क्या बीती       
वोह तो यहां संख सिपिआं उठाने आएंगे।  
रह रह कर चुभती है , पथ की निरजन दुपहर   
आगे और बड़े तो शायद , दृश्य सुहाने आएंगे।      
मेले में भटके होते, तो कोई घर पहुंचा जाता       
हम घर में भटके है ,कैसे  ठोर ठिकाने आएंगे।
मित्र प्यारे नू हाल मुरीदा दा कहना 
Convey to the beloved friend(Lord) the condition of the disciple
तुध बिन रोग रजाईआं दा ओड़न नाग निवासं दा रहना 
without you, the taking over of quilt is like disease and living with serpents 
सूल सुराही खंजर प्याला बिंग कसाईआं दा सहना 
Without you the flask is like the spike, a cup is like a dagger, separation is like a chopper of the butcher
यारडे दा सानू सथर चंगा  भठ खेड़िआं दा  रहना 
The pallet of the beloved friend is most pleasing, the worldly pleasures are like a furnace
Don’t make me stand in front of enlightened mirror
Please don’t kill this dirty mind criminal in this way.
     Full moon, flower, and vibrating wires of guitar
     so many arms shining in front of my eyes one after another.
So heavy on heart your soft memories
Stones can not pick the weight of flowers anymore.
     Thousands songs will liberate and fly in air
     if a sword of light cut into my heart.
Under the stone sprouting seed is suffering
When spring comes it cracked the stone and grow.
     The weight of dead butterfly is different
     on the earth, on a flower and a poet’s heart.
Rising moon, waves of ocean, vibrating musical instrument and your memories
I automatically join in when these four things comes together.
     lying under the sky they sleep while reading
     the blue starry newspaper prints everyday in the sky.


  -- Dr. Surjit Patar
Dr सुरजीत पातर जी की कविता है अपनी आज़ादी के बारे में 
हर इनसान अपना पिंजरा खुद त्यार किये बैठा है 
इस कविता में कवी  के अनकहे बोल उसे रिहा करने को कह रहे हैं 
Misinterpret मत कर लेना, यह कविता स्वयम की आज़ादी के बारे में है  
"हज़ारों परिन्दे मेरे मन में कैद 
सुनता हूँ दिन रात देते दुहाई 
रिहाई रिहाई रिहाई 
हम भले कहीं जाकर ज़खमी हों 
वह जाएँ तन से रत्त (खून ) के फुहारे 
हम भले जाकर सड़ जाएँ कहीं 
जल जाएँ पखों के सिलकी किनारे 
तुम बस जाने दो हमें 
कहीं पर भी 
तेरी कैद से बिहतर 
शिकारी और मांसखोर कसाई 
रिहाई रिहाई रिहाई 
तब तुम पेड़ थे 
जब उतरे थे तेरी शाखों पर 
तब तुमने कहा था 
ऊधो आसमान में 
जब थक जाओ 
मेरे पास आओ 
जब अक जाओ 
फिर से उड़ो 
हवाओं में पखों से खत लिखते जाओ 
तुम हमारे उड़ने से डर कर 
पत्तों के सूखने झड़ने से डर कर 
अब तुम पेड़ से बने हो पिंजरा 
ऋतुएँ के आने जाने से डर कर 
तुम अपने ही मन पर जड़े हुए 
जन्द्रे (ताले ) बन गए हो 
हम शब्द है तुम्हारे 
हम बोल हैं तुम्हारे 
हम मर रहे हैं 
तेरे मन अन्दर ही 
विदा करो हमें 
और पिंजरे से फिर से 
पेड़ बन जाओ तुम 
फ़िज़ाओं में गूँजने दो 
मुक्ती के नगमे
हम सूने पड़े आकाश को भर देंगे 
इस मातम जैसी चुप को 
तरनुम तरनुम कर देंगे 
तुम क्यों अपने ही रस्ते में 
खुद खड़े हो रुकावट बन कर 
तुम कयों अपना मन खोलने से 
ऐसे डरते हो 
तुम आलाप लो 
के फिर से नदीआ वहने लगे 
तुम अलप लो 
हवाएं फिर से चलने लगे 
फिर से घोल दो 
जाम में मौत और जीवन 
फिर से ठग लो 
ठगों के ठग को 
तुम ऐसे पिंजरे से पेड़ बन जाओ 
शाखों की तरह हवा में झूम लो
ख़ुशी और उदासी में 
हो जाओ शुदाई 
रिहाई रिहाई रिहाई   
 चले  आओ  शब्दों  से  भी  पार  अब 
 क्योंकि  शब्द  तो  अब  फ़ोन  भी  बोलते  हैं 
  शब्द  तो फ़ोन  भी  सुनते  हैं 
 फ़ोन  से रासता  पूछो  तो  बोले  
Take left, Take right 
You speak a word it says ten near you
Wi – Fi  दिमाग  की  खोज  है  दिल  की  नहीं 
आओ  दिल  के  रिश्ते  को  कर  दें  Wi – Fi  से  ऊँचा 
 आओ  प्यार  को  कर  दें  पानी सा सूचा 

लिखना ना खत मुझे तुम मज़बूरी में

 लिखना  ना  खत  मुझे  तुम  मज़बूरी  में 
 करे  दे जुदा हमें  दम नहीं दूरी  में 
 
         मेरा  यह  जो  गीत  है 
         आ जाए  पसंद  तुम्हे 
          पांच  laakh view mile 
         rakha kya mashhoori me
door door rehte ho
baat nahi karte ho 
lete ho maza tum meri mazboori se
aapki baaton par gussa kahaan aata hai 
kitna maza hai tumhari ji hzoori mein
सात पकवानों  से भी  मज़ा  नहीं आएगा 
 खाने में जो आता है हीर वाली चूरी  में  
    

 आधी  से जयादा  उम्र  बीत गई 
 प्यार  को प्रभाषित  करने  में 
 वोह  कहते  हैं 
 प्यार  वोह  है  
 जो  सिर्फ  एक  से  ही  किया जाए 
 पर  मेरा  सवाल  है 
 वोह  प्यार  ही  क्या 
 जो  सबसे  प्यार  करना  न सिखाए 
 हाँ  यह  बात  तो  है 
 जो  सभसे  प्यारा  है 
 एक  ही  है , एक  ही  रहेगा 
 बाकी  की ज़िन्दगी 
 जिसको  रोज़  याद  करता  हूँ 
 जो  है  मेरा  हमहाल  देवता 
 जो  दूर  रहकर  भी  जीना  सिखाता  है 
 गिरने  के  बाद  उठना  सिखाता  है, मुस्कुराना  सिखाता  है,
 लिखना  सिखाता  है ,  गाना  सिखाता  है 
 वोह  कौन  है ,  यह  जानना  सभ  को  जरूरी  थोड़े 
 मुझे  पता  है ,  उससे  पता  है
 मैने  उससे  बता  दिए  था  
 दूरी  इसमें  कोई  खलल  ही  नहीं 
 वोह  एक आध्यात्मिक  डोर  से  जुड़ा  हुआ  है 
 हर वक़्त  साथ  है  हवा  की  तरह  खुशबु  की  तरह 
 --   अमरीक बिरहडा  
  
  लोग ज़िन्दगी  में  आते  जाते  रहते  हैं 
  क्योंकि  वोह  लोग  होते  हैं 
  दोसत  तो बस  ज़िंदगी  में  आते  हैं 
  जाने  के  लिए  नहीं, हमेशा  बने  रहते  हैं 
    -  अमरीक बिरहडा 
दोसत Please  मेरी  बात  को  समझने  की  कोशिश  जरूर  करना। 
जब  मेरा  भरोसा  हर इनसान  से  और  भगवान  से  पूरी  तरह  टूट  चूका  था 
उस वकत  मेरे  मन  ने , मेरी आतमा  ने  फैसला लीया  के  किसी  एक इनसान  को 
चुन  कर  उस  के  प्रति  ईमानदार  हो  जा।  उसके  बाद  जो  बातें मैने  किसी Doctor  जा councellor के  साथ  भी  कभी  साँझा  नहीं  की  वोह मैने  पहली  वार  आप  से  की  थी। 
बाद  में  तो मैने  रेडियो  पर  सभ  को  भी  बताई कि  अगर  मेरी  कहानी  से  कुछ  सीखा  जा  सके  तो  क्यों  नहीं।  मुझे  गुस्सा  नहीं  है  पर  आप  अगर  एक  वार  बात  करने  के  बाद  ज़िंदगी  से  चले  जाते  तो  इतनी  वडी  बात  न  होती।  मैने  किसी  एक  रिश्ते  का  बोझ  आप  पर  थोपने  की  कोशिश  नहीं  की।   एक  वार email  जा phone  करके  बात  कर  लेते  तो मैं  भी   कुछ  ज़िंदगी  में   आगे   बढ़ने  की सोचता।   बात  तो विस्वास  की  ही  थी  ना।  अब  मुझे  नहीं  लगता  मुझे  समाज  में  दुवारा  कदम  रखना  चाहिए।  जब  एक इनसान  से  रिश्ते  में  पूरा  का  पूरा Intent  दे कर  भी  बात   नहीं   कर  पाया  तो  मुझमे Social Skills  नहीं  होंगे।  इसी  लिए  तो  अकेला  हुआ  था।  अब  मुझे  इसी  में  खुश  रहना  सीखना  होगा। मैने  रेयांश  के  लिए Piano Keyboard  लाया  था, मैं  चाहता  हूँ   आप   उसे Music  सीखने  के  लिए  बचपन  से  ही  उत्साहित  करें। Force  करने  की  बात  नहीं  कर  रहा  हूँ।  बाकी  जरूरी  नहीं  था  के  इसके  बहाने  मिलने  को  कह  रहा  हूँ।  मेरी  बेटी  जा  पतनी से  मिलकर Pick  जा drop  करवा  सकते  हो।  अनजाने  में  आपके  लिए  शायद  मुसीबत  बन  गया,  चाहता  तो  यह  हूँ  आप  खुश  रहें।   कुछ Concern  कनाडा  के तजुरबों  का  भी  था।  आप  को  शायद अन्दांजा  ना  हो  जहाँ  घर  तोड़कर  नए immigrant  पक्के  करवाने  का  कारोबार  बहुत  चलता  है।  ध्यान रखिएगा।  मुझे  तो  पता  भी  नहीं  आपके पती  साथ  में  है  जा  इंडिया  है।  मैने  तो  हमेशा  सोचा  था  अगर  किसी  प्रकार  से  भी मददग़ार  होता।  मेरे  मन  में  आपका  सतकार (Respect) है  इसी  लिए  रोजाना पतनी  और  बेटी  के  साथ  आपकी  बातें  करता  रहता  हूँ।   वोह  भी  जानते  है  आपने  मुझे Motivate  तो कीया  है  जिसके  चलते  मेने  रेडियो  पे  आकर  बोलना  शुरू कीया।   पहले  तो  किसी  से  बात  नहीं  करता  था। 

Amrik Khabra’s new poem

  ਦੇਖੋ  ਕੈਸਾ  ਜ਼ਮਾਨਾ  ਆਇਆ  ਹੈ 
  ਪਿਆਰ  ਦੀ  ਇੱਕ  ਬੂੰਦ  ਨੂੰ ਤਰਸਾਇਆ  ਹੈ 
  ਪਿਆਰ ਆਤਮਾ  ਦਾ  ਗਹਿਣਾ  ਹੈ
  ਸਰੀਰ  ਸੁੰਦਰ  ਹੈ ਪਰ  ਪਿਆਰ  ਬਿਨ ਮੁਰਝਾਇਆ  ਹੈ   
  ਯੋਗਦਾਨ ਸਰੀਰ  ਦਾ  ਜਰੂਰ  ਹੁੰਦਾ ਪਿਆਰ ਪਰਗਟ  ਕਰਨ ਲਈ 
  ਪਿਆਰ ਬਿਨਾ ਸਰੀਰ  ਵਸਤੂ  ਹੈ  ਜਾ  ਮਾਇਆ  ਹੈ 
     ਪਿਆਰ  ਹੋਵੇ  ਦਿਲ ਵਿੱਚ  ਅਸਲ  ਖਿੱਚ  ਓਹੀ 
     ਅੱਜਕਲ  ਆਕਰਸ਼ਿਤ  ਸਰੀਰਾਂ  ਨੂੰ  ਕਰਦਾ  ਸਰਮਾਇਆ  ਹੈ 
     ਚਾਰ ਪਲ਼  ਬਹਿ  ਕੇ  ਕੋਲ  ਕੁਝ  ਗੱਲਾਂ  ਕਰ  ਲੈਂਦੇ 
     ਇਹ  ਤਾਂ  ਤੇਰੇ  ਪਿਆਰ  ਦਾ  ਤਿਰਹਾਇਆ  ਹੈ 
 ਲਿਖਣਾ  ਬੜਾ  ਜਰੂਰੀ  ਸੀ  ਇਸ  ਗੀਤ  ਨੂੰ 
 ਬਾਜ਼ਾਰ  ਚ  ਹਿੱਟ  ਨਹੀਂ  ਹੋਣਾ ਪਤਾ  ਹੈ  ਪਹਿਲੋਂ  ਹੀ
 ਇਹ  ਕਿਸੇ  ਮਸ਼ਹੂਰ  ਹਸਤੀ  ਨੇ  ਨਹੀਂ 
 ਮੇਰੇ  ਦਿਲ  ਨੇ ਗਾਇਆ  ਹੈ    
      ਚੱਲ  ਪੜ੍ਹ  ਕੇ  ਇਸ  ਨੂੰ  ਮੁਸਕੁਰਾ ਛੱਡੀ 
      ਤੇਰੀ  ਦਿੱਤੀ  ਮੁਸਕੁਰਾਹਟ  ਦਾ  ਅਜੇ ਬਹੁਤ  ਬਕਾਇਆ  ਹੈ  
      ਝੱਲਾ  ਹੈ  ਅਮਰੀਕ  ਜੋ ਛੱਡ ਕਮਾਈ  ਨੂੰ 
       ਐਵੇਂ  ਪੰਨਿਆਂ  ਉੱਤੇ ਬੱਸ ਪੈੱਨ ਘਸਾਇਆ  ਹੈ।  
 
देखो कैसा ज़माना आया है 
प्यार दी इक्क बूँद को तरसाया है 
प्यार आतमा  का गहना होता है 
शरीर सूंदर है पर प्यार बिन मुरझाया है 
योगदान शरीर का अवश्य है प्यार परगट करने में 
परन्तु प्यार बिना शरीर सिर्फ बर्तन है जा माया है 
प्यार अगर दिल में हो असल आकर्षण वोही 
शरीर को जो आकर्शित करे वोह सरमाया है 
चार पल पास बैठ कर बात ही कर लेते 
दिल तो तेरे प्यार का त्रिहाया (प्यासा ) है 
लिखना बहुत अवश्य था इस गीत को 
बाजार में हिट नहीं होगा पता है मुझे 
यह किसी मशहूर हस्ती ने नहीं 
मेरे दिल ने गाया है 
चलो छोडो इस को पड़ कर मुसकुरा  देना 
तेरी दी हुयी मुस्कुराहटें अभी बहुत बकाया (Remaining ) है
झल्ला है अमरीक जो छोड़ कमाई को 
ऐसे ही पंनो पर पैन घिसाया है 
  - अमरीक बिरहडा
देखो कैसा ज़माना आया है 
प्यार दी इक्क बूँद को तरसाया है 
प्यार आतमा  का गहना होता है 
शरीर सूंदर है पर प्यार बिन मुरझाया है 
योगदान शरीर का अवश्य है प्यार परगट करने में 
परन्तु प्यार बिना शरीर सिर्फ बर्तन है जा माया है 
प्यार अगर दिल में हो असल आकर्षण वोही 
शरीर को जो आकर्शित करे वोह सरमाया है 
चार पल पास बैठ कर बात ही कर लेते 
दिल तो तेरे प्यार का त्रिहाया (प्यासा ) है 
लिखना बहुत अवश्य था इस गीत को 
बाजार में हिट नहीं होगा पता है मुझे 
यह किसी मशहूर हस्ती ने नहीं 
मेरे दिल ने गाया है 
चलो छोडो इस को पड़ कर मुसकुरा  देना 
तेरी दी हुयी मुस्कुराहटें अभी बहुत बकाया (Remaining ) है
झल्ला है अमरीक जो छोड़ कमाई को 
ऐसे ही पंनो पर पैन घिसाया है 
  - अमरीक बिरहडा
 ਰਾਮਕਲੀ ਮਹਲਾ 5
 ਪਵਨੈ  ਮਹਿ ਪਵਨੁ  ਸਮਾਇਆ।।
 ਜੋਤੀ  ਮਹਿ  ਜੋਤਿ ਰਲਿ  ਜਾਇਆ।।
 ਮਾਟੀ  ਮਾਟੀ  ਹੋਈ  ਏਕੁ ।।
 ਰੋਵਨਹਾਰੇ ਕੀ  ਕਵਨ  ਟੇਕ ।।
   
They took me to the window of the room
They show me two girls and asked who is beautiful.
I looked at them both were smiling 
I said both of them are are beautiful
Then they add a bit more information
what if you have to marry with one of them
I said I can not decide 
until we spend some time together
She can see how I treat other people
and I can see how she treat other people.
They said no you are not allowed to meet or talk to them

I told them that I switched so many jobs
In this case this is about a person
A lifetime commitment and I can not try and leave 
I told them forget about the marriage 
Just let me enjoy my life in this closed room
and they should focus on their business.
 जनाब तिड़का  हुआ  ही  सही आईना हूँ 
 आईना तिड़का  हुआ  भी  हो  तो  भी  सच  ही बोलता  है 
  अगर  आप  अच्छे  हो  तो अच्छा  ही  हूँ 
   अगर  आप  बुरे  हो  सामने  भी  बुरा  ही  पाओगे 
आईना  हूँ  जनाब 
 चाहो  तो मामा कन्स  को  परगट  कर  लो 
 चाहो  तो  भगत प्रहलाद  को  परगट  कर  लो 
  परन्तु  यह  आप  का  चुनाव  ही  तो  है 
  लोग  मुझे  इलज़ाम  देते हैं  दो  चेहरे  हैं  इसके 
 अरे  सधारण  सी   तो बात  है 
 आप मुसकुराते  हो  तो मैं  भी  मुस्कुरा  देता हूँ 
  आप  घूरते  हो  सामने  से  घूरता  हूँ। 
 जनाब आईना  हूँ तिड़का  हुआ  ही  सही 
 पर  चेहरा  आप  का  ही  दिखता  हूँ 
      अमरीक बिरहड़ा 
  ਹਾਲਾਂਕਿ  ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਖਪਣਾ ਛੱਡਣਾ ਅਜੇ ਅਸੰਭਵ  ਜਾਪਦਾ 
  ਪਰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨੇਤਾਵਾਂ ਦੇ ਗੱਲਬਾਤ ਦੇ ਤਰੀਕੇ ਨੂੰ ਦੇਖ 4 ਲਾਈਨਾਂ ਲਿਖੀਆਂ ਨੇ 
     ਗੱਲ  ਗੱਲ  ਉੱਤੇ  ਖਪਣਾ  ਛੱਡ  ਤਾ 
     ਮਰ  ਗਏ  ਮਰ  ਗਏ  ਜਪਣਾ  ਛੱਡ  ਤਾ 
     ਸੁਧਰ  ਜਾ  ਹੁਣ  ਤਾਂ  ਹੋ  ਸੰਜੀਦਾ 
     ਯਾਰ  ਮਹਿਬੂਬ  ਨੇ ਹੱਸਣਾ  ਛੱਡ  ਤਾ 
 ਲੜਦੇ  ਰਹੋ  ਫਿਰ  ਕਦੇ ਬਾਦਲਾਂ ਲਈ ,  ਕਦੇ  ਸਿਮਰਨਜੀਤ  ਮਾਨ ਲਈ , ਕਦੇ  ਗਾਂਧੀ  ਪਰਵਾਰ ਲਈ।   ਪੰਜਾਬ  ਜਾ  ਭਾਰਤ  ਨਾਲ  ਤੁਹਾਡਾ ਕੀ  ਵਾਸਤਾ।  ਪੰਜਾਬ  ਤੇ  ਭਾਰਤ  ਇੱਕ  ਦੂਜੇ  ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ  ਬਚ  ਨਹੀਂ  ਸਕਦੇ  ਕਿਓੰਕੇ  ਦੋਨੋ  ਹੀ  ਕਿਸੇ  ਹੋਰ  ਦੇਸ਼  ਦੇ  ਗੁਲਾਮ  ਹੋ  ਜਾਣਗੇ।  ਇਸੇ ਲਈ  ਭਾਰਤ  ਲਿਖਦਾ  ਕਿਓੰਕੇ  ਕਿਸੇ  ਵੀ  ਦੇਸ਼  ਦੇ  ਨਾਮ  ਪਿੱਛੇ  "ਸ਼ੈਤਾਨ"  ਵਰਗੀ  ਆਵਾਜ਼  ਕੱਢਣ  ਵਾਲਾ  ਸ਼ਬਦ  ਮੇਰੇ  ਕੰਨਾਂ  ਨੂੰ  ਨਹੀਂ  ਭਾਉਂਦਾ 
 ਆਜ਼ਾਦੀ  ਦੇ  ਪਰਵਾਨੇ  ਦੋਸਤੋ 
 ਕਿਸੇ  ਪ੍ਰਮਾਣ  ਪੱਤਰ  ਦੇ  ਮੁਹਤਾਜ਼  ਨਹੀਂ 
  ਤੁਹਾਡੀ  ਦਫ਼ਤਰੀ  ਇਮਾਰਤ  ਦੇ  ਅੰਦਰ  ਹੀ ਉੱਡ  ਸਕਣ 
   ਉਹ  ਕੋਈ  ਕਾਗਜ਼  ਦੇ  ਜਹਾਜ਼  ਨਹੀਂ 
 ਤੁਹਾਨੂੰ  ਕਿਓਂ  ਲਗਦਾ  ਗੁਲਾਮ  ਤੁਸੀਂ 47  ਤੋਂ  ਪਹਿਲਾਂ  ਹੀ  ਸੀ 
 ਤੁਹਾਨੂੰ  ਕਿਓਂ  ਲਗਦਾ  ਗੁਲਾਮ  ਤੁਸੀਂ  ਅੱਜ  ਨਹੀਂ ?
 ਆਜ਼ਾਦੀ  ਦੇ  ਪਰਵਾਨੇ  ਨੂੰ  ਪਹਿਰਾਵੇ  ਤੋਂ  ਪਹਿਚਾਣ   ਕਿਵੇਂ ?
 ਸਿਰ  ਤੇ  ਪੱਗ ਸਜਾਈ  ਹੋਵੇ  ਜਾ  ਟੋਪੀ  ਕੋਈ  ਰਿਵਾਜ਼ ਨਹੀਂ 
  ਕੋਈ  ਤੇ  ਚਾਹੀਦਾ  ਜੋ  ਯਾਦ  ਕਰਾਵੇ 
 ਲਹਿੰਦੇ  ਨੂੰ  ਪਾਣੀ  ਵੀ  ਕੋਈ  ਵਿਰਲਾ  ਦਿੰਦਾ 
 ਸਿਰਫ ਜਿੱਤਿਆ  ਦੇ  ਗੋਡੇ  ਘੁੱਟੀ  ਜਾਵੇ 
ਕਿਉਂ ਬਈ  ਕੋਈ  ਹੋਰ  ਕੰਮ  ਕਾਜ  ਨਹੀਂ ?
ਹੁਣ  ਤੁਸੀਂ  ਲੀਕ  ਖਿਚੋਗੇ  
ਭਗਤ  ਰਾਜਗੁਰੂ  ਸੁਖਦੇਵ  ਤੇ  ਚੰਦਰ  ਸ਼ੇਖਰ  ਆਜ਼ਾਦ  ਵਿਚ  ਵੀ 
 ਤੁਹਾਨੂੰ  ਕਿਸੇ  ਦੀ   ਕੁਰਬਾਨੀ  ਦਾ  ਵੀ  ਲਿਹਾਜ਼  ਨਹੀਂ   
आँखों में पानी  रखो , होठों पर एक चिंगारी  रखो 
जिंदा रहने  की तरकीबें  बहुत  सारी  रखो ।
रासते के पत्थरों से ज्यादा कुछ नहीं हैं  मंज़िल 
रासते  आवाज़  देते  हैं सफ़र जारी रखो ।
यह एक ही नदी के दो किनारे हैं
दोस्ती ज़िन्दगी से मौत  से यारी रखो।
जरूरी है कि आंखों का भ्रम बना रहे
नींद रखो जा ना रखो ख्याब मयारी रखो ।
यह हवाएँ ले ना जाएं उड़ा कर इस कागज का बदन 
दोस्तों मुझ पर पत्थर कोई भारी रखो।
ले तो आया शायरी बाजार  में राहत मीयां 
कया जरूरी है लहज़ा  भी बाज़ारी  रखो ।
  --- राहत इंदौरी 
 ਲੱਭੋ  ਰੋਜ਼  ਇਕ  ਨਵਾਂ  ਵਿਵਾਦ 
 ਕਿਸ  ਨੂੰ  ਰਹਿਣੇ  ਮੁੱਦੇ  ਯਾਦ 
 ਰੋਟੀ  ਕਪੜਾ  ਅਤੇ  ਮਕਾਨ 
 ਬਿਜਲੀ  ਪਾਣੀ  ਡੀਜ਼ਲ  ਗੈਸ 
 ਬਿੱਲ  ਕੱਢਦੇ  ਨੇ  ਸਭ  ਦੀ ਜਾਨ 
  ਛੱਡੋ  ਕਿਹੜਾ  ਕਰੂ  ਆਬਾਦ 
 ਝੂਠੀਆਂ ਸਿਫਤਾਂ  ਮਿਹਣੇ  ਤਾਅਨੇ 
 ਸਾਰੇ  ਲੈਂਦੇ  ਪਏ  ਸੁਆਦ। 
 ਬੂਟਾ  ਕਿਵੇਂ  ਹੈ ਵੱਧਦਾ ਫੁੱਲਦਾ
negativity  ਦੀ  ਖਾ  ਕੇ  ਖਾਦ  
 बहुत  समय  है  मेरे  पास 
 कोई  बुलाये  तो  सही 
 मन  में  अगर  सवाल  हैं 
 तो  पूछ  लो  डर  कैसा 
 बात  करे  कोई  पास  आये  तो  सही 
 में  तो  अभी  निकल  पडूँ  मंज़िल  की  तरफ 
 जाना कहाँ  है  कोई  बताये  तो  सही 
 मेरे  शहर  दे  लोक  बहुत  समझदार  हैं 
 खुद  बात  करेंगे  नहीं  किसी  और  से  करूँ 
 तो  तिड़क  जाते  हैं 
From Ghazal Jagjit Singh
ਸੱਚ ਵਧੇ  ਜਾਂ ਘਟੇ ਤਾਂ ਸੱਚ ਨਾ ਰਹੇ 
ਝੂਠ ਦੀ ਕੋਈ ਇੰਤਹਾਹ ਹੀ ਨਹੀਂ 
ਜੜ ਦੋ ਚਾਂਦੀ ਮੇਂ ਚਾਹੇ ਸੋਨੇ ਮੇਂ 
ਆਈਨਾ ਝੂਠ ਬੋਲਤਾ ਹੀ ਨਹੀਂ
From Ghazal Jagjit Singh
ਮੈਂ ਫਿਜ਼ਾਓਂ ਮੇਂ ਬਿਖ਼ਰ ਜਾਊਂਗਾ ਖੁਸ਼ਬੂ ਬਨ ਕਰ 
ਨਾ ਰੰਗ ਹੋਗਾ, ਨਾ ਜਿਸਮ ਹੋਗਾ, ਨਾ ਚਿਹਰਾ ਹੋਗਾ
From Ghazal Jagjit Singh
ਵੜੇ ਲੋਗੋਂ ਸੇ ਮਿਲਨੇ ਮੇਂ ਹਮੇਸ਼ਾ ਫਾਸਿਲਾ ਰੱਖਨਾ 
ਜਹਾਂ ਦਰਿਆ ਸਮੁੰਦਰ ਸੇ ਮਿਲਾ ਦਰਿਆ ਨਹੀਂ ਰਹਿਤਾ
From Ghazal Jagjit Singh
ਗੁਲ ਸੇ ਲਿਪਟੀ ਹੋਈ ਤਿਤਲੀ ਕੋ ਗਿਰਾ ਕਰ ਦੇਖੋ     
ਆਂਧੀਓ ਤੁਮ ਨੇ ਦਰਖ਼ਤੋ ਕੋ ਗਿਰਾਇਆ ਹੋਗਾ
From Ghazal Jagjit Singh
सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं। 
जिसे देखा ही नहीं उस को खुदा कहते हैं।
Jaswant Zafar Sahib 
ਜਿੰਨੀ ਕੁ ਦੇਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ, ਜਿਉਣ ਦਾ ਅਹਿਸਾਸ ਦੇਈ                                                                                                                                           
ਥੋੜੀ ਤੋਂ ਥੋੜੀ ਭੁੱਖ ਦੇਈ ਬਹੁਤੀ ਤੋਂ ਬਹੁਤੀ ਪਿਆਸ ਦੇਈ।  
From Ghazal Jagjit Singh
ਮੁਝੇ ਹੈ ਯਾਦ ਵੋਹ ਸਭ ਜੋ ਕਭੀ ਹੂਆ ਹੀ ਨਹੀਂ                                        
ਵੋਹ ਏਕ ਬਾਤ ਜੋ ਮੈਂ ਕਹਿ ਨਹੀਂ ਸਕਾ ਤੁਮ ਸੇ 
ਵੋਹ ਇਕ  ਇਕ ਖਿਆਲ 
ਜੋ ਆਵਾਜ਼ ਤਕ ਗਇਆ ਹੀ ਨਹੀਂ
From Ghazal Jagjit Singh
ਅੱਜ ਮੈਨੇ ਫਿਰ ਅਪਨਾ ਸੌਦਾ ਕੀਆ
आज मैंने अपना फिर सौदा किया
और फिर मैं दूर से देखा किया
ज़िन्‍दगी भर मेरे काम आए उसूल
एक एक करके उन्‍हें बेचा किया
कुछ कमी अपनी वफ़ाओं में भी थी
तुम से क्‍या कहते के तुमने क्‍या किया
हो गई थी दिल को कुछ उम्‍मीद सी
ख़ैर तुमने जो किया अच्‍छा किया
---- जावेद अख़्तर
ਖੂਬ ਗਏ ਪ੍ਰਦੇਸ ਕਿ ਆਪਣਾ ਦੀਵਾਰੋਂ ਦਰ ਭੂਲ ਗਏ।                                                                                              ਸ਼ੀਸ਼ ਮਹਿਲ ਨੇ ਐਸਾ ਘੇਰਾ ਮਿੱਟੀ ਕੇ ਘਰ ਭੂਲ ਗਏ. ...
ਕਿਤਨੀ ਦਿਲਕਸ਼ ਹੈ ਉਸਕੀ ਖਾਮੋਸ਼ੀ
ਸਾਰੀ ਬਾਤੇਂ ਫਜ਼ੂਲ ਹੋਂ ਜੈਸੇ 
कितनी दिलकश है उसकी ख़ामोशी
सारी बातें फज़ूल हों जैसे

ਬਾਲਾਂ ਦੇ ਮੂੰਹ ਜਿਹੜੇ ਅੱਖਰ ਚੋਗੇ ਵਾਂਗੂੰ ਦੇਣੇ ਸਨ,
ਉਹਨਾਂ ਬਦਲੇ ਫੜ ਫੜ ਓਬੜ ਤੁੰਨਦੇ ਯਾਰ ਪੰਜਾਬੀ ਨੇ ।
 ---- Baba Nazmi
ਲਫਜ ਸਰਤਾਜ ਦੇ
ਮੈਂ ਮੰਦਰ ਦੇ ਵਿੱਚ ਅੱਲ੍ਹਾ ਅੱਲ੍ਹਾ ਆਖਾਂਗਾ 
ਮੈਂ ਗੁਰਦੁਆਰੇ ਵਿੱਚ ਰਾਮ ਰਾਮ ਵੀ ਬੋਲਾਂਗਾ 
ਮੈਂ ਘਰ ਖ਼ੁਦਾ ਦੇ ਜਾਕੇ ਬਾਲੂੰ ਮੋਮਬੱਤੀਆਂ 
ਮੈਂ ਯਿਸੂ ਦੇ ਘਰ ਜਾਕੇ ਰੋਜ਼ਾ ਖੋਲਾਂਗਾ 
ਇੱਕ ਨੂੰ ਪੜਿਆ ਇੱਕ ਨੂੰ ਹੀ ਮੈਂ ਮੰਨਦਾ ਹਾਂ 
ਨਾਨਕ ਦਾ ਪੁੱਤ ਹਾਂ ਤੇਰਾਂ ਤੇਰਾਂ ਤੋਲਾਂਗਾ

ishrat-e-qatra hai dariyā meñ fanā ho jaanā
dard kā had se guzarnā hai davā ho jaanā
 ----ਮਿਰਜ਼ਾ ਗ਼ਾਲਿਬ

ਹਮ ਕੋ ਮਾਲੂਮ ਹੈ ਜਨਤ ਕੀ ਹਕੀਕਤ ਲੇਕਿਨ    
ਦਿਲ ਖੁਸ਼ ਰੱਖਨੇ ਕੋ ਗ਼ਾਲਿਬ ਜੇਹ ਖਿਆਲ ਅੱਛਾ ਹੈ
   ---- Mirza Ghalib
ਮੈਂ ਸਾਗਰ ਦੇ ਕੰਢੇ ਬੈਠਾ ਕੋਰਾ ਕਾਗਜ਼ ਲੈ ਕੇ 
ਓਧਰ ਮਾਰੂਥਲ ਵਿਚ ਮੈਨੂੰ ਟੋਲਦੀਆਂ ਕਵਿਤਾਵਾਂ 
ਕੀ ਕਵੀਆਂ ਦਾ ਆਉਣਾ ਜਾਣਾ ਕੀ ਮਸਤੀ ਸੰਗ ਤੁਰਨਾ 
ਠੁਮਕ ਠੁਮਕ ਜੇ ਨਾਲ ਨਾ ਚੱਲਣ ਸਜ ਲਿਖੀਆਂ ਕਵਿਤਾਵਾਂ 
 ----  Dr  ਸੁਰਜੀਤ ਪਾਤਰ
ਸੀ ਸਮਝਦਾਰ ਬੜਾ ਸਾਡੇ ਦੌਰ ਦਾ ਸੂਰਜ ,
ਕਿ ਦਿਨ ਚੜੇ ਤਾਂ ਚੜਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰਦਾ ਰਿਹਾ 
------ Dr ਸੁਰਜੀਤ ਪਾਤਰ
ਏਨਾ ਉੱਚਾ ਤਖ਼ਤ ਸੀ ਅਦਲੀ ਰਾਜੇ ਦਾ                                                         ਮਜ਼ਲੂਮਾਂ ਦੀ ਉਮਰ ਹੀ ਰਾਹ ਵਿਚ ਬੀਤ ਗਈ। 
Dr Surjit Patar

ਵੱਧ ਰਿਹਾ ਹੈ ਹਰ ਕਦਮ ਨਾਲ 
ਦਿਲ ਤੇ ਦਿਮਾਗ਼ ਵਿਚਲਾ ਫ਼ਾਸਲਾ 
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਉਦੋਂ ਬੜੀ ਰੰਗੀਨ ਸੀ ਜਦੋਂ 
ਦਿਲ ਤੇ ਦਿਮਾਗ਼ ਇਕ ਸਨ
 ---  Amrik  Khabra

ਨਾ ਕਲਮ ਨਾ ਸਿਆਹੀ ,ਨਾ ਪੱਕਿਆਂ ਕਾਗਜ਼ਾਂ ਤੇ 
ਇਕਰਾਰਨਾਮਾ ਆਪਣਾ ਸੀ ਦਿਲ ਦੇ ਵਰਕਿਆਂ ਤੇ 
ਰੱਤ ਦੀ ਲਿੱਪੀ ਚ ਲਿਖਿਆਂ ਨੂੰ ਏਦਾਂ ਨਹੀਂ ਪੜੀਦਾ 
  --- Dr. Surjit Patar
*****
ਚਾਰ ਹੀ ਤਰੀਕਿਆਂ ਨਾਲ ਬੰਦਾ ਕਰੇ ਕੰਮ 
ਸ਼ੌਂਕ ਨਾਲ ,ਪਿਆਰ ਨਾਲ , ਲਾਲਚ ਜਾਂ ਡੰਡੇ ਨਾਲ। 
----- Dr. Satinder Sartaaj
ਮੇਰੇ ਵਿਹੜੇ ਦੇ ਸਾਰੇ ਫੁੱਲ ਮੈਨੂੰ 
ਸੋਹਣੇ ਲੱਗਦੇ 
ਪਰ ਉਹ ਕਹਿਣ 
ਇਹ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਜਾਤੀ ਦੇ ਹਨ 
ਤੇ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਰੰਗ ਦੇ
   -- Amrik Khabra
हमने बगीचे में हर रंग के फूल उगाये 
पर हैरान हुए यह जान कर 
कुछ तितलिआं कागज़ के फूलों पर बैठना पसंद करती हैं 
हमने थोड़ा छानबीन की तो पता चला 
वोह ऐसा इस लिए करती हैं 
ता के उनकी इतर का मुकाबला 
फूलों की महक से न हो
   ---- Amrik Khabra
*****
Where you want to put people in first two categories 
Who get motivated to work because of hobby or love?
Who will never cook books?
How you want to treat people who grow crops ?
And others who work hard to bring food to your table?
If you want to change yourself for good
Put real thought and real effort in action
Because world around you is your reflection
When you change yourself 
You change world around you.
ਕਲਚਰ ਕੀ ਹੈ?
 ਕਲਚਰ ਦਹੀਂ ਦਾ ਉਹ ਚਮਚਾ ਹੈ ਜੋ ਅਸੀਂ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਸਹੀ ਤਾਪਮਾਨ ਤੇ ਪਾਉਂਦੇ ਹਾਂ ਤੇ ਦੁੱਧ ਦਾ ਦਹੀਂ ਬਣ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਜੇ ਉਹ ਦਹੀਂ ਦਾ ਚਮਚਾ ਸਿਹਤਮੰਦ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦਹੀਂ ਵੀ ਸਿਹਤਮੰਦ ਬਣਦਾ ਹੈ। ਗੁਰਬਾਣੀ ਸੁਣੋ ,ਚੰਗੇ ਕਲਾਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਵੇਖੋ ਸੁਣੋ ,ਚੰਗੀ ਕਵਿਤਾ ਸੁਣੋ। ਜਮਨ ਵਾਲਾ ਸਿਹਤਮੰਦ ਚਮਚਾ ਚੁਣੋ। ਖੁਦ ਵੀ ਮੈਂ ਹਰ ਗ਼ਲਤ ਰਾਹ ਤੋਂ ਲੰਘਿਆ ਹੋਵਾਂਗਾ ਪਰ ਜਦੋਂ ਇਸ ਗੱਲ ਨੂੰ ਕਬੂਲ ਕੀਤਾ ਸੁਧਾਰ ਉਥੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ   . ਪਰ ਮੇਰੇ ਵਰਤਾਵ ਤੋਂ ਮੇਰੇ ਮਨਪਸੰਦ ਕਲਾਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਮਿਹਣੇ ਤਾਹਨੇ ਨਾ ਮਾਰਿਆ ਕਰੋ। ਕਿਉਂਕਿ ਮੈਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਗੁਰੂ ਸਮਝਦਾ ਪਰ ਅਜੇ ਓਹਨਾ ਵਰਗਾ ਨਹੀਂ ਬਣ ਸਕਿਆ ਪਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਵੀ ਅਜੇ ਨਹੀਂ ਛੱਡੀ। ਕਹਾਵਤ ਹੈ ਕੇ ਚੰਗੀ ਸਲਾਹ ਉਹ ਹੀ ਦੇ ਸਕਦਾ ਜਿਸ ਨੇ ਬਹੁਤ ਗ਼ਲਤੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਹੋਣ ਤੇ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਜ਼ਰੀਆ ਹੋਣ। --ਪਿਆਰ ਤੇ ਸਤਿਕਾਰ ਸਹਿਤ ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ 😀
I am a drop of water when sunlight pass through a Rainbow is formed.
four more platforms to connect with me 
1. YouTube channel "The Musical Train" Music is food for the soul.
2. YouTube channel "Ghazal" invoking, love, longing and metaphysical questions.
3. our official website 
Home
4. our social website https://www.shabadguru.ca/ अब में बोलूं जा न बोलूं अब तो समझ गए हैं वोह दिल भी हमने गवा दीआ अँधेरे घर में हस में किसी ने चिराग जैसे जला दीया। पूरा गाना सुनने के लिए
ਸਾਡੇ ਇੱਕ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਸਾਹਿਬ ਕਿਹਾ ਕਰਦੇ ਸੀ , ਕਿ  
ਜਾਦੂਗਰ  ਨੇ ਉਂਗਲਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਚਿੜੀ ਫੜੀ ਹੋਈ ਹੈ।  
ਉਹ ਪੁੱਛ ਰਿਹਾ ਹੈ ਦੱਸੋ ਭਾਈ ਜਿਉਂਦੀ ਹੈ ਜਾ ਮੋਈ ਹੈ। 
ਜੇ ਕਿਹਾ ਜਿਉਂਦੀ ਹੈ ਉਂਗਲਾਂ ਘੁੱਟ ਕਹੇਗਾ ਦੇਖੋ ਇਹ ਤਾਂ ਮੋਈ ਹੋਈ ਹੈ 
ਜੇ ਕਿਹਾ ਮਰੀ ਹੈ ਛੱਡ ਕੇ ਹਵਾ ਚ ਉਡਾ ਕੇ ਕਹੇਗਾ 
ਜਿੱਤ ਹੁਣ ਵੀ ਮੇਰੀ ਹੋਈ ਹੈ 
ਲੀਡਰ ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਹੱਥਾਂ ਦੀਆਂ  ਉਂਗਲੀਆਂ ਚ ਫਸੀਆਂ ਚਿੜੀਆਂ ਹੀ ਤੇ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ 
ਜਨਤਾ ਦੇ ਭਲੇ ਲਈ ਕੁਝ ਬੋਲੋ ਤਾਂ ਬਦਨਾਮ ਕਰਨਗੇ ਮੀਡਿਆ ਓਹਨਾ ਦੇ ਹੱਥ ਹੈ 
ਮਾਲਕਾਂ ਦੇ ਬਫਾਦਾਰ ਹੋਣਗੇ ਤਾਂ ਸਿਫਤਾਂ ਤੇ promotion 
ਹੁਣ ਵੀ ਕੋਈ ਗੱਲ ਛਿਪੀ ਹੋਈ ਹੈ ??
ਜਾਹ ਨੀ ਧੀਏ ਰਾਣੀਏ ਤੂੰ dating ਤੇ ਜਾਹ 
ਪਰ ਇੱਕ ਗੱਲ ਦਾ ਖ਼ਿਆਲ ਰਹੇ 
dating ਕਿਸੇ ਇਨਸਾਨ ਨਾਲ ਕਰਨਾ
ਕਿਸੇ  Non-Canadian Passport ਨਾਲ dating  ਨਾ ਕਰਨਾ 
ਵਿਆਹ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਹ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਜਿਤਾਵਣਗੇ 
ਉਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੋ ਦੋ shiftan ਕੰਮ 
ਤੇ ਘਰ ਦੇ ਚੁੱਲ੍ਹੇ ਚੌਂਕੇ ਦੇ ਕੰਮ ਚ ਨਿਕਲ ਜਾਣੀ 
ਖ਼ੁਦ  ਇਹ ਇੱਕ ਕੱਪ ਚਾਹ ਵੀ ਨਹੀਂ ਬਣਾਉਣਗੇ 
ਤੂੰ ਰਾਤ ਰਾਤ ਭਰ ਜਾਗ ਕੇ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰੇਂਗੀ 
ਇਹ Strip Club ਤੋਂ ਟੁੱਨ ਹੋ ਕੇ ਘਰ ਆਉਣਗੇ 
ਸਿਲਸਿਲਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇਗਾ 
ਸੌਹਰੇ ਪਰਵਾਰ ਦੀਆਂ sponsorship ਅਰਜ਼ੀਆਂ ਦਾ 
ਫ਼ਿਰ  ਗੱਲ ਗੱਲ ਤੇ ਕਲੇਸ਼ ਹੋਇਆ ਕਰੇਗਾ 
ਕਹਿ ਦੇ ਇਹਨਾਂ ਕਲਯੁੱਗੀ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਨੂੰ 
ਦੂਰ ਬੈਠ  ਕੇ ਪਿਆਰ ਕਰਨਾ ਸਿੱਖ ਲੈਣ 
2-3 ਸਾਲ ਸਰੀਰ ਨਾ ਛੂਹਣ ਤੇ 
ਕਰਨ ਪਿਆਰ ਦੀ ਉਸ ਉਚਾਈ ਨੂੰ ਹਾਸਲ 
ਜਿੱਥੇ  ਮਿਲਣਾ ਵਿਛੜਨਾ ਪਿਆਰ ਵਿਚ ਵਿਘਨ ਨਹੀਂ ਪਾਉਂਦਾ 
ਜਿੱਥੇ  ਕਦਰ ਇਨਸਾਨ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਸੁੰਦਰ ਸਰੀਰ ਜਾ passport ਦੀ ਨਹੀਂ
Go my daughter go on dating
but please note one thing
Date with a human being
not a Non-Canadian Passport
Before marriage, they will show the Love of your dreams
But after Marriage your life will be spent on double shit jobs
and working in the Kitchen
The series of In-laws Sposership will start
The next 20 years of your Young age will pass in this process
This so-called lover will not even make a cup of tea for you
You will not sleep and keep waiting for your husband
He will return drunk from Strip Club late at night
Please tell these lovers to Love you on the spirit level first
Then only allow touching your body after at least 2-3 years
Marry only when they learn to love you and respect you
Not your body not your passport
ਦਰਦ ਦਾ ਹੱਦ ਸੇ ਗੁਜ਼ਰਨਾ ਹੈ ਦਵਾ ਹੋ ਜਾਣਾ 
ਹੱਸਿਆ ਖੇਡਿਆ ਵੀ ਕਰੋ ਯਾਰ , ਚਲੋ ਕੰਮ  ਧੰਧੇ ਤਾਂ ਕਰਨੇ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਨੇ 
ਪਰ ਹੱਸਣਾ ਖੇਡਣਾ ਭੁੱਲ ਗਏ ਫਿਰ ਕਾਹਦੇ ਲਈ ??
दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना 
हसना खेडना भी चाहिए , काम तो चलो करने ही होते हैं 
When pain cross the limit it becomes a medicine
Can not translate in a poetic manner - hahaha




ust for smiles ok?
जानी जी पूछ रहे हैं
"तुम जिस के हो अभी
कया आता है उनहे 
तुम को चुप कराना"
जी विलकुल आता है 
वोह वोलते हैं " Shut up"
अोर हम इतना चुप हो जाते हैं
दुबारा बात करने से घबराहट होती है जी
v
Let us reflect on theory and practical
ਸਭੈ ਘਟ ਰਾਮ ਬੋਲੈ 
ਇਹ ਕਹਿਣਾ ਤੇ ਪੜ੍ਹਨਾ ਕਿੰਨਾ ਸੌਖਾ ਹੈ 
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿਚ ਅਜ਼ਮਾ ਕੇ ਵੇਖੋ 
ਇਕ ਨੂੰ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਬੁਲਾਓ 
ਦੂਸਰਾ ਦਾਅਵਾ ਕਰ ਛੱਡਦਾ 
ਹੁਣ ਮੇਰੀ ਇਸ ਨੂੰ ਕੋਈ ਪ੍ਰਵਾਹ ਨਹੀਂ 
ਅਗਲਾ ਵਿਚਾਰਾ ਸਭ ਦੀ ਪ੍ਰਵਾਹ ਕਰਦਾ ਕਰਦਾ 
ਆਪਣੇ ਆਪ ਤੋਂ ਹੀ ਵਿਛੜ ਜਾਂਦਾ 
ਹੈ ਨਾ ਦੋਸਤੋ ???
ਬੰਦਿਆ ਦੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ 
ਹਰ ਕੋਹ ਤੇ ਕੋਠਾ 
ਤੇ ਹਰ ਕੋਹ ਤੇ ਠੇਕਾ 
ਨਵਾਂ ਆਇਆ ਕੈਨੇਡਾ 
ਕਹਿੰਦੇ ਆ ਤੈਨੂੰ ਕੈਨੇਡਾ ਵਿਖਾਈਏ 
ਭੋਲੇ ਬੰਦੇ ਨੂੰ ਕੀ  ਪਤਾ  ਕੈਨੇਡਾ ਕਿਹਨੂੰ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
ਅੱਜ ਦੱਸ ਦਿਆਂ  ਸਾਫ ਸਾਫ 
ਇੱਕ ਵਾਰ ਦਾਗ ਕੇ ਬਾਕੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬ੍ਲੈਕ ਮੇਲ ਕਰਦੇ ਨੇ 
ਪਿੰਜਰੇ ਦਾ ਕੈਂਦੀ ਬਣਾ ਅੱਧੇ  ਵੇਤਨ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਵਾਉਂਦੇ ਨੇ 
ਜੇ ਕੋਈ ਪਿੰਜਰਾ ਤੋੜ ਕੇ ਭੱਜੇ 
ਪਿੱਛੇ 100-100 ਸ਼ਿਕਾਰੀ ਕੁੱਤੇ ਲਾਉਂਦੇ ਨੇ 
ਇੱਕ ਘਰ ਤੋੜਦੇ ਨੇ ਦੋ ਕਬੂਤਰ ਪੱਕੇ ਕਰਵਾਉਂਦੇ ਨੇ 
ਇਹ ਸਭ ਕੁਝ ਬੰਦਿਆ ਦੇ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦਾ 
ਇੱਕ ਖ਼ੁਦਕੁਸ਼ੀ 10 ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿਚ ਰੈਲੀਆਂ 
Edmonton ਹੁਣੇ ਹੁਣੇ ਹੋ ਕੇ ਹਟੀ 
ਮਾਸੜ ਭਾਣਜੇ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਤੇ 
ਵੋਟਾਂ ਲੈ ਲਈਆਂ ਫਿਰ 4 ਸਾਲ ਸੁੱਤੇ ਘੂਕ 
ਇੱਕ ਬਚ ਰਿਹਾ ਸੀ ਸ਼ਿਕਾਰੀਆਂ ਤੋਂ 
ਤੇ ਖ਼ੁਦਕੁਸ਼ੀ ਵਿੱਚੋ ਵੀ ਬਚ ਗਿਆ 
ਹੁਣ ਉਸਦੇ ਸੱਚ ਬਿਆਨ ਤੇ ਇਤਰਾਜ਼ ਹੈ। 
ਝੱਗਾ ਚੁੱਕੇ ਢਿੱਡ ਨੰਗਾ ਹੁੰਦਾ 
ਇਸ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਬਦਨਾਮ ਕਰੋ ਕਿਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ 
ਅਜੇ ਤੱਕ ਕੋਈ ਵੱਡੀ ਗਲਤੀ ਵੀ ਤੇ ਹੱਥ ਨਹੀਂ ਆਈ 
ਭੇਜੋ sex offer ਕੁਝ ਤੇ ਜਵਾਬ ਦੇਵੇਗਾ। 
ਵਿਆਹ ਤੋੜਨ ਦੇ ਉਪਾਅ ਵੀ ਬੜੇ ਨੇ ਇਹਨਾਂ ਕੋਲ 
Full  Moon ਤੋਂ New Moon ਤੱਕ 
ਪਰਹੇਜ਼ ਦੱਸ ਦਿਓ  ਬਹਾਨਾ ਬਣਾ ਦਿਓ 
ਪਤੀ ਪਤਨੀ ਨੂੰ ਦੂਰ ਰੱਖਣ ਦਾ 
ਵਿਆਹ ਟੁੱਟੇਗਾ ਦੋ ਹੋਰ ਪੱਕੇ ਕਰਾਵਾਂਗੇ 
ਇੱਕ ਲੱਖ ਡਾਲਰ ਤਾਂ ਪੱਕਾ ਹੈ।
ਆਪਣਾ ਆਪਣਾ ਕਹਿ ਅੱਧਾ ਵੇਤਨ 
ਅੱਗਲੇ ਸਾਰੇ ਫੈਸਲੇ ਉਸਦੇ ਆਪ ਕਰਨੇ। 
ਕਿਹੜਾ ਪੱਕਾ ਹੋ ਗਿਆ ਕਿਸ ਨਾਲ ਵਿਆਹੁਣਾ 
ਸਭ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਚਿੰਤਾ  .
ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ  10 ਗੁਣਾ  ਪੰਜਾਬੀ ਰਹਿੰਦੇ ਨੇ ਕੈਨੇਡਾ 
ਪਰ ਵਿਆਹ ਪੰਜਾਬ ਜਾ ਕੇ ਹੀ ਕਰਨੇ ਨੇ 
ਸੌਦਾ ਜੁ ਹੋਇਆ , ਵਿਆਹ ਤੇ ਸੌਦੇ ਚ ਫਰਕ ਹੀ ਕਿਸਨੂੰ ਪਤਾ ????
ना तो इस्त्री है 
ना पुरष है
यह तो रूह है 
इसकी गहराई कैसे माप लें 
यह समुन्दर है ना के खूह है
आयना देखा तो सोच में पड़  गया
यह मैं हूँ जा तू है
Tumhare Naam ki Dalli utha kar 
Zuban pe Rakh Lee hai Mene
Yeh Katra Katra Pighal Rahi Hai
Mein Katra Katra jee raha hoon 
--  Gulzar ji
 उम्र  भर  जिसने  दर्द हँढ़ाए  हों 
 किसी  और  को  दर्द  क्या  देगा 
 कभी  पास  जाकर   तो देखो  ज़रा  
 वोह  प्यार  से  गले  लगा  लेगा 
 दुनिआ  ने  उसे  सताया  होगा 
  इसी  कारण  दूर  रहा  होगा 
थोड़ा आज़ाद परिन्दा हूँ 
जीने की चाहत बाकी है 
इसी लिए ज़िंदा हूँ 
फकर करना मेरे दोसत 
आपके नाम से ज़िंदा हूँ   
मेरी होंद में तेरे पैरों के निशान 
मुझे चलना सिखाते हैं
छोटा करके देखिए ज़िन्दगी का विस्थार 
मन ने मन से बात की बिन चिठ्ठी बिन तार
चाहे रहो दूर चाहे रहो पास
सुन लो मगर एक बात
एक डोर से बँधोगे  दोसत  
किसी दिन हमारे साथ
ज़िन्दगी क्या होती है ???
कुदरत से मिला एक Time Span 
जो सीधी रेखा नहीं होता -भरा पड़ा रहता उताव चढ़ाव से 
हर इनसान एक वार जरूर सोचता है 
कया  है ज़िन्दगी के दुःख सुख ?
क्या सच में भगवान होते है ??
Albert Einstein  दुनियाँ के हिसाब से देखे तो नास्तक लगेगा 
पर उसके हिसाब से देखें तो भगवान को सभसे ज्यादा समझता था 
अंतिम समय भी यही कहा के Medical Science से ज़िन्दगी Extend करना उसकी choice नहीं।  उसने अपने मकसद को जान कर जो करना था कर लीया। 
हम भी थोड़े प्रभावित है उनकी विचारधारा से - एक ही तो Sun sign है। 
बस  13 को हम पधारे 14 को वोह -हाहाहा  मुस्कुराने के लिए बोला 
कहाँ हम कहाँ वोह 
पर हमने भी Philosophy तो काफ़ी आज़मा ही ली। 
अगर हर इनसान अपनी Composition ठीक से जान ले तो Surface पे जितने 
disagreement हैं  , परतें  उतारते जाएँ तो  
पानी से घिरे हुए मन्दिर की तरह 
माया में घिरे इनसान के ठीक अन्दर  
मिरग की कस्तूरी जैसे वोह भगवान मिलेंगे 
जिसको वोह पूरी उम्र पूजता रहता है खोजता रहता है। 
अपने में ढूढ़ना मुश्किल होता है ,इसी लिए किसे जीते जागते इनसान को चुन लो 
जो आपको सबसे प्यारा लग्गे।  उसकी हर वधीकी ,मज़बूरी ,खूबी सब कुछ मिलाकर जो भी बनता है सवीकार कर लो भगवान मान कर। 
नतीजा क्या निकलेगा - आपको धीरे धीरे Positive Energy मिलना शुरू हो जायेगी।  परन्तु मुश्किल यह है consistently प्रयास और भरोसा करना पड़ेगा। 
अगर आप यह मान कर चल दो अगर भगवान  इधर नहीं मिला 
तो भगवान एक Fictional Character है जो कहीं पर exist ही नहीं करता।  परन्तु नतीजा इसके उलट निकलेगा -आप को यकीन हो जाएगा वोह तो हर शय में मजूद है। बस हम देखना ही फिल्मो जैसा चाहते हैं - 10 वाजु जा तीन सिर वाला। 
अब एक मिनट  Assume कीजिए  की अगर भगवान सर्व शक्तिमान है 
क्या वोह आपके सामने अपना रूप बदल कर नहीं आ सकता।  
Assume वोह कृष्णा की तरह आकर तंग करे 
आप बद्तमीज़ बोल कर भगा दो उसे। 
यह सभ मैने assumptions लिखी है Analysis करने को - ठीक है 
पर  हमने तो experiment कर डाला धंने वाला - अगर है तो इसी में है 
बस खोज का दायरा ही तो छोटा करना था। 
अगर वोह हर जगह है तो उस एक इंसान में भी तो है।  
इतना तो simple हो गया ना ??
अब आते हैं - Abstract पर - जिस को निचोड़ बोलतें है 
सोच कर देखो - एक इनसान  जो ना तो आपका रिशतेदार हो , ना ही उसने कोई financial जा material benefit लेना हो। 
दूर  बैठ कर मुस्कुराता रहे , आपके लिए दुआ करे। 
शुभ विचार भेजे और आपको हसाने की कोशिश करे।  
कभी बुरा ना सोचे।  पीठ के पीछे भी loyal रहे। 
सामने तो सभ तारीफ ही करते हैं आजकल पता ही होगा। 
समय निकाल कर  कुछ शब्द इक्क्ठा करे ,लिखकर पेश करे।  
क्या आपको हौसला मिलेगा ??? 
कभी ज़िंदगी में मुश्किल बने तो हिमंत मिलेगी ?? 
मुशकिलों  से झूजने की शक्ति मिलेगी ???
हमने तो 2 साल आज़मा  लीया , हमे तो मिलती है 
उम्मीद करते है , प्रार्थना करते हैं दोसतों  को भी मिले ऐसी शक्ति , ऐसा सबर , ऐसी मुस्कुराहट। 
अभी के लिए इतना ही।  और यह वडी सी smile 🙏😀😀😀
What was the last words of Albert Einstein?
This page from the American Museum of Natural history suggests his last words were: “I want to go when I want to go. It is tasteless to prolong life artificially. I have done my share; it is time to go.
आज से ठीक 23 साल पहले मेरे सबसे प्यारे दोसत ने Good Bye बोल दिए। 
पर  उतना दर्द नहीं हुआ क्योंकि उसने दूर होने से पहले अपने मन की सारी बातें मेरे साथ discuss की।  
आपने फैसले का कारण बताया। मैने भी उसके फैसले की इज़्ज़त रखी उसके आगे Respect से सिर झुकाया और आगे चल दिए  अपने अपने रास्ते पर। 
दिल में हमेशा याद रखा , जब भी याद करते हैं मुस्कुरा भी देते हैं।  अच्छे thoughts and  prayers भी भेजते हैं की वोह जहाँ भी हों खुश हो सुखी हो। 
इस वार कहानी थोड़ी अलग्ग है 
दोसत Please  मेरी  बात  को  समझने  की  कोशिश  जरूर  करना। 
जब  मेरा  भरोसा  हर इनसान  से  और  भगवान  से  पूरी  तरह  टूट  चूका  था ,
उस वकत  मेरे  मन  ने , मेरी आतमा  ने  फैसला लीया  के  किसी  एक इनसान  को चुन  कर  उस  के  प्रति  ईमानदार  हो  जा।  उसके  बाद  जो  बातें मैने  किसी Doctor  जा counselor के  साथ  भी  कभी  साँझा  नहीं  की,  वोह मैने  पहली  वार  अपने नए दोसत  से  की  थी। 
यह रिश्ता भी पहले वाले से थोड़ा अलग्ग था क्योंकि जहाँ भगवान को ढून्ढ रहा हूँ। मरने से पहले साफ़ तो हो जाए भगवान  होते हैं जा मनुष्य को डराने के लिए ही  होतें  है। अगर एक इनसान के लिए अपने विचार and Intent loyal शुद्ध रखकर पूजना शुरू करें तो क्या यह अनुभव दूसरा इनसान भी कर पाता है ??
क्या दोनों को Positive रहने के लिए ऊर्जा मिलती है ? यही आजमाना है बस। यही है आखरी प्रयोग ज़िंदगी का। 
ख़ैर भगवान की परिभाषा सभ की अलग्ग हो सकती है।  Nature तो होती है और उसके कनून भी।  तो मैं  अपने दोसत में ही  भगवान को ढूढ़ता हूँ, पता तो चले धंने भगत ने पथर में कैसे पाया था। 
आज के लिए इतना ही - आपने imaginary दोस्त की याद में
सुन मेरे दोसत 
मेरी दशा 
मैं  वोही सोचता जो  
अपने दिमाग से ही सोच पाता 
दुसरे के दिमाग से कैसे सोचते 
मुझे मालूम नहीं 
मैं अपने दिल से ही 
महसूस करता 
दुसरे के दिल से महसूस करना 
मेरी पहुंच में नहीं 
पर फिर भी मुझे लगता है 
दिल एक  जैसे होते है 
अंतर  दिमाग का ही होता है 
मेरे वाला defective है थोड़ा 
तोड़ दीया था ज़ालिमों ने 
खैर  मेरे वस् में जितना है करता हूँ 
मैं  रस्ते पर आँखे लगाए बैठा रहा 
ना  किसी ने आवाज़ लगाई 
ना ही कोई पास आया 
अभी इतना पागल भी तो नहीं हुआ 
एक एक वाहन को रोक कर पूछ लूँ 
मेरे दोस्त को देखा क्या
आपकी रज़ा ही तो मेरी रज़ा है 
दूर  रह कर बन्दगी करवाते हो  
यह एक प्यारी सी सज़ा है 
आप कहो हस   दो अगर 
हम रोते रोते  भी हस  दें 
आप रोने को कहो 
हम रो भी दें 
आपकी मान लेने में अजीब सा मज़ा है 
खुद की हसती  मिटा दें 
आपकी पूजा में 
हुकम तो कीजिए 
हम ना माने तो हमारी खता है
Haaye ni tera koka koka
Tang mujhe karte ho tum
Mujh pe marte ho tum
kahe ko kahe ko kahe ko
Thhodi wala til hi bachai janda ey
Dil Laga Liya Mene  alka yagnik
aayega aayega aanae wala 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ,ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ (रौशनी)है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ,ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ है 
ਪੜ੍ਹੀਏ ਤਾਂ ਤੇਰਾ ਖਤ ਹੈ, ਪੜ੍ਹੀਏ ਤਾਂ ਤੇਰਾ ਖਤ ਹੈ 
पड़ते हैं तो तुम्हारा ख़त है पड़ते हैं तो तुम्हारा ख़त है
ਸੁਣੀਏ ਤਾਂ ਤੇਰੀ ਸੋਅ ਹੈ
सुनते हैं तो तुम्हारी सोअ (खबर ) 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ,ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ,ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ है 

ਜੋ ਤੂੰ ਉਮਰ ਭਰ ਜਗਾਏ, ਤੇ ਦਰੀਂ ਘਰੀਂ ਟਿਕਾਏ 
तूने जो उमर भर जगाए ते दर घर टिकाए  
ਜੋ ਤੂੰ ਉਮਰ ਭਰ ਜਗਾਏ, ਤੇ ਦਰੀਂ ਘਰੀਂ ਟਿਕਾਏ
तूने जो उमर भर जगाए ते दर घर टिकाए 
ਤੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ ਅੱਜ ਵੀ , ਤੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ ਅੱਜ ਵੀ 
तेरे चिहरे ऊपर आज भी , तेरे चेहरे ऊपर आज भी 
ਓਹਨਾਂ ਦੀਵਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
उन दीबीओं (दीपों ) की लोअ (रौशनी) है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 

ਤੇਰੇ ਲਫ਼ਜ ਨੇ ਲਹੂ ਵਿੱਚ, ਤੇਰਾ ਰਾਗ ਹੈ ਰਗਾਂ ਵਿੱਚ 
तेरे लफ़ज़ हैं लहू में तेरा राग है रगों में 
ਤੇਰੇ ਲਫ਼ਜ ਨੇ ਲਹੂ ਵਿੱਚ, ਤੇਰਾ ਰਾਗ ਹੈ ਰਗਾਂ ਵਿੱਚ
ਐ ਗਜ਼ਲ ਵਸੇਂ ਤੂੰ ਸਾਹੀਂ, ਐ ਗਜ਼ਲ ਵਸੇਂ ਤੂੰ ਸਾਹੀਂ 
ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਕੀ ਲੁਕੋ ਹੈ
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 


ਇਹ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਵੀ, ਧੁੱਪ ਦਾ ਹੀ ਤਰਜ਼ਮਾ ਹੈ 
येह चाँद की चांदनी भी धूप का तर्ज़ुमा (अनुवाद ) है 
ਇਹ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਵੀ, ਧੁੱਪ ਦਾ ਹੀ ਤਰਜ਼ਮਾ ਹੈ
येह चाँद की चांदनी भी धूप का तर्ज़ुमा (अनुवाद ) है 
ਇਹ ਧੁੱਪ ਵੀ ਓੜਕਾਂ ਨੂੰ, ਤੇ ਇਹ ਧੁੱਪ ਵੀ ਓੜਕਾਂ ਨੂੰ
येह धूप भी आखिर तो , येह धूप भी आखिर तो 
ਕਿਸੇ ਬਲ ਰਹੇ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
किसी जल रहे की लोअ है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 

ਨਫ਼ਰਤ ਦੇ ਤੀਰ ਚਲਦੇ, ਐਪਰ ਨਾ ਮੈਨੂੰ ਸਲਦੇ
नफ़रत के तीर चलदे ,लेकिन न मेनू सलदे (चीरते,वेंदते )
ਨਫ਼ਰਤ ਦੇ ਤੀਰ ਚਲਦੇ, ਐਪਰ ਨਾ ਮੈਨੂੰ ਸਲਦੇ
नफ़रत के तीर चलदे ,लेकिन न मेनू सलदे (चीरते,वेंदते )
ਮੇਰੀ ਆਤਮਾ ਦੁਆਲੇ, ਮੇਰੀ ਆਤਮਾ ਦੁਆਲੇ 
मेरी आतमा दुआले (चौगिरद )मेरी आतमा दुआले (चौगिरद )
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਦੀ ਸੰਜੋਅ  ਹੈ
तेरे प्यार की संजोए है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 
ਪੜ੍ਹੀਏ ਤਾਂ ਤੇਰਾ ਖਤ ਹੈ, ਪੜ੍ਹੀਏ ਤਾਂ ਤੇਰਾ ਖਤ ਹੈ 
पड़ते हैं तो तुम्हारा ख़त है पड़ते हैं तो तुम्हारा ख़त है
ਸੁਣੀਏ ਤਾਂ ਤੇਰੀ ਸੋਅ ਹੈ
सुनते हैं तो तुम्हारी सोअ (खबर )
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ,ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 
ਇਹ ਜੋ ਚੰਨ ਦੀ ਚਾਨਣੀ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ ਤਾਰਿਆਂ ਦੀ ਲੋਅ ਹੈ
यह जो चाँद की चांदनी है येह जो तारों को लोअ(रौशनी) है 

The word humanity is from the Latin humanitas for “human nature, kindness.” Humanity includes all the humans, but it can also refer to the kind feelings humans often have for each other.

Humanity means caring for and helping others whenever and wherever possible. Humanity means helping others at times when they need that help the most.
Humanity means forgetting our selfish interests at times when others need our help. Humanity means extending unconditional love to each and every living being on Earth

Now let us give a deeper thought into the subject.

I do not feel any intent when people talk about humanity or human rights. We speak very well-drafted words and content to effect votes but with no real intent in it. I most often feel humanity is a word missing its meaning in this modern world.

All animals in the jungle live their life ina natural way. When they die their bodies are decomposed into the earth. I could never understand why humans are subjects of business when they alive and their dead bodies are also the subject of business. It takes about $20,000 for funral for humans in Canada. In other words the dead body that belongs to nature requires $20,000 to imerge the residue (contents) back into nature. 
I feel people are being kept alive with spirits suffering and being tortured.
If productivity and profitability is the only parameter and only goal of this world, why not repectfully decompose the humans back to nature if you consider them  the burdon when they are no more productive and earning money or material things??
Why not help them medical death Instead of keeping them alive with tormented spirit?
%d bloggers like this: